Barish sad shayari in hindi | बारिश सैड शायरी इन हिंदी
कश्मकश कुछ इस कदर है जिंदगी में कि कोई दुआ भी उसे सुलझा न सकी, दिल में लगी है आग कुछ इस तरह से आँखों से होती बारिश भी इसे बुझा न सकी। . कब से दबा रखी है दिल में काश पूरी ख्वाहिश हो जाए मिल जाए वो हमें उम्र भर के लिए तो दिल की इस बंजर धरती पर खुशियों की बारिश हो जाए। . सींचता रहा मैं जिस रिश्ते को प्यार के नीर से गलतफहमियों की बारिश में मिट गए वो तकदीर से। . लिपट रही है पाँव में सर पे जो चढ़ रही थी जब-जब पड़ी थी बारिश धूल अपनी फितरत बदल रही थी। . जरूर दिल किसी ने बादलों का भी दुखाया होगा, वर्ना इतनी शिद्दत से बरसता कौन है। . ऋतुओं ने अपना रुख कुछ इस तरह से बदला है कि आज ये बदल बेमौसम ही बरसा है, बहुत मुद्दत की दुवाओं के बाद मिले हो तुम क्या बतायें तुमसे मिलने के लिए ये दिल कितना तरसा है? . अमीरों के महल पर तो कोई असर न होगा डर तो गरीब की झोंपड़ी के बहने का है, दल का तो काम है बरसना सवाल तो उस बरसात में डटे रहने का है। . खिल उठे ये पेड़ और पौधे छाई चारों ओर हरियाली है, सावन में पड़ती इस बारिश की अदा ही बहुत निराली है। . दूर हुए तुझसे अरसा हो गया मगर ये बारिश आज तुम्हारी याद दिल...

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