1
हस्ती मिट जाती है आशियाँ बनाने मे,
बहुत मुस्किल होती है अपनो को समझाने मे,
एक पल मे किसी को भुला ना देना,
ज़िंदगी लग जाती है किसी को अपना बनाने मे…
2
#दिल की हर #बात ज़माने को बता देते है
अपने हर राज़ से परदा उठा देते है
चाहने वाले हमे चाहे या ना चाहे
#हम जिसे #चाहते है उस पर ‘#जान’ लूटा देते है.
3
कभी पहली बार स्कूल जानेमे डर लगता था…आज अकेले ही दुनिया घूम लेते हे ।।
पहले 1st नंबर लानेके लिए पढ़ते थे, आज कमाने के लिए पढ़ते हें !!
#गरीब दूर तक #चलता हे… #खाना खाने के लिए…
#अमीर दूर तक #चलता हे … #खाना पचाने के लिए …
कीसी के पास खाने के लिये एक वक्त की रोटी नहीं हे …..
कीसी के पास रोटी खाने के लिए वक़्त ही नहीं हे …
कोई लाचार हे इस लिए बीमार हे, कोई बीमार हे इस लिये लाचार हे
कोई अपनों के लिए रोटी छोड देता हे, कोई रोटी के लिए अपनों को छोड़ देता हे
ये दुनीया भी कितनी निराली हे .. कभी वक़्त मीले तो सोचना…
कभी छोटी सी चोट लगनेपे रोते थे, आज दिल टूट जाने पर भी संभल जाते हें!
पहेले हम दोस्तों के सहारे रहते थे, आज दोस्तों की यादो मे रहते है!
पहले लड़ना मारना रोज़ का काम था, आज एक बार लड़ते हें तो रिश्ते खो जाते हे!
सच में जिन्दगीने बहुत कुछ सिखादिया, जाने कब हम को इतना बड़ा बना दिया
……
4
लोग कहते हैं किसी एक के चले जाने से जिन्दगी अधूरी नहीं होती,
लेकिन लाखों के मिल जाने से उस एक की कमी पूरी नहीं होती है
5
ख्वाइस तो यही है कि तेरे बाँहों में पनाह मिल जाये |
शमा खामोस हो जाये और शाम ढल जाये ||
प्यार इतना करे कि इतिहास बन जाये |
और तुम्हारी बाँहों से हटने से पहले शाम हो जाये ||
6
पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती,
दिल में क्या है वो बात नही समझती,
Tnhaa तो #चाँद भी sitaro के बीच में है,
पर चाँद का दर्द वो रात नही समझती…
7
#जिसमे याद ना #आए वो #तन्हाई किस काम की
बिगड़े #रिश्ते ना बने तो #खुदाई किस काम की.
बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है….
पर जहा से अपने ना दिखे वो उँचाई किस काम की….
8
दिल के सागर मे लहरे उठाया ना करो,
ख्वाब बनकर नींद चुराया ना करो,
बहुत चोट लगती है मेरे दिल को,
तुम #ख्वाबो mainआ कर यू #तडपाया ना करो।।
10
कुछ उजाले की चकाचौंध से डरते हैं,
कुछ अँधेरे में परछायिओं से डरते हैं,
हम भी हैं तनहा अपनी रहबर निहारते,
पर जाने क्यूँ आपकी अंगडायिओं से डरते हैं !
कुछ को ख्वाब देख के जीने की आदत है,
कुछ को मैखाने में पीने की आदत है ,
हम हैं परेशां दीवानापन की आदतों से,
पर जाने क्यों शादी की शहनाईयों से डरते हैं!!
इंतजार कर रहा हूँ जुश्तजू जो है ,
इज़हार भले ही न करूँ आरज़ू तो है ,
कुछ मोहबत में किस्से सुने हैं ऐसे ,
हम अभी से आपकी तनहायिओ से डरते हैं !!
11
खुद को ख़ुदा कहा और खुद ही ख़ुदा हो गए,
#रिश्तों की kasmkasमें खुद से #जुदा हो गए !
बांचते रहे तमाम उम्र आईने में अपनी सूरत,
तन्हा रहे जिंदगी में और भीड़ में ही खो गए !!
12
हर पल मे खुशी देती है मा,
अपनी ज़िंदगी से जीवन देती है मा,
भगवान क्या है!!! मा की पूजा करो जनाब,
क्यूकी भगवान को भी जनम देती है मा…
13
सफ़र ज़िंदगी का बहुत ही हसीन है
सभी को किसी न किसी की तलाश हैं
किसी के पास मंज़िल हैं तो राह नही
और जिसके पास राह हें तो मंज़िल नही
14
उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको
खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको
हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं,
देनेवाला हज़ार खुशिया दे आपको!
15
ज़िंदगी मे अभी तो बहुत चलना बाकी हैं
अभी तो कई इंतेहनो से गुज़रना बाकी हैं
हमे लड़ना हे ज़िंदगी की सभी मुश्किलो से
हमने तो मुठि भर ज़मीन नापी हैं
Abhi तो humeसारा जहाँ #नापना बाकी हैं …
16
बनाने वाले ने भी तुझे,
किसी कारण से बनाया होगा,
छोड़ा होगा जब ज़मीन पर तुझे,
उसके सीने में भी दर्द तो आया होगा…
17
#कड़ी से कड़ी जोङते जाओ too #janjierबन जाती है॥
#मेहनत पे #मेहनत करो तो #तक़दीर बन जाती है।
18
उठा कर तलवार जब घोड़े पे सवार होते
बाँध के साफ़ा जब तैयार होते
देखती है दुनिया छत पे चढ़के
कहते है की काश हम भी ऐसे होशियार होते…
19
हर नई सुबह का नया नज़ारा,
ठंडी हवा लेके आई पैगाम हमारा,
जागो,उठो,तैयार हो जाओ,
खुशियो से भरा रहे आज का दिन तुम्हारा.
20
बनाने वाले ने भी तुझे,
किसी कारण से बनाया होगा,
छोड़ा होगा जब ज़मीन पर तुझे,
उसके सीने में भी दर्द तो आया होगा…
21
#कड़ी से कड़ी जोङते jaaoतो #जंजीर बन जाती है॥
#मेहनत पे #मेहनत karo तो #तक़दीर बन जाती है।
22
उठा कर तलवार जब घोड़े पे सवार होते
बाँध के साफ़ा जब तैयार होते
देखती है दुनिया छत पे चढ़के
कहते है की काश हम भी ऐसे होशियार होते…
23
उठा कर तलवार जब घोड़े पे सवार होते
बाँध के साफ़ा जब तैयार होते
देखती है दुनिया छत पे चढ़के
कहते है की काश हम भी ऐसे होशियार होते…
24
हर नई सुबह का नया नज़ारा,
ठंडी हवा लेके आई पैगाम हमारा,
जागो,उठो,तैयार हो जाओ,
खुशियो से भरा रहे आज का दिन तुम्हारा.
25
कागज़ पर रख कर खाना खाये तो भी कैसे….
खून से लथपथ आता है अखबार आजकल!
x
Comments
Post a Comment