कोरोना पर फनी शायरी |कोरोना पर कविता


  • कवि ने इस समय फैली महामारी कोरोना वायरस को इस कविता के माध्यम यह बताना की कोशिश की हमें क्या-क्या करना चाहिए, और कैसे इस बीमारी से बचना चाहिए। कवि ने इस कविता के द्वारा लोगों के बताया कि कैसे हम स्वच्छ रहें। कवि  ने इस कविता के माध्यम से यह बताया कि इस बीमारी से डरने की जरूरत नहीं पर स्वच्छता और सफाई रखना जरूरी है।
कोरोना पर फनी शायरी |कोरोना पर कविता

 
कोरोना बोले हाथ मिलाना छोड़ो, दूर से करो हाय हाय।
वरना जिंदगी से प्यारे तुम्हारा कर दूंगा बाय बाय।।
कोरोना जी ने छीन लिया लड़कियों का नूर।
मेकअप को छोड़, मुंह ढकने को मजबूर।।
कोई गर्ल बॉय पर नहीं, कोई बॉय गर्ल पर ना दे ध्यान।
कोरोना से बचने के लिए सिर्फ जपो प्रभु का नाम।।
चाइना का माल खूब चला नाम है कोरोना।
बस इसे देख चाइना को ही आया ज्यादा रोना
एक प्रियतमा पर ढहाया कोरोना जी ने ऐसा सितम।
कि हो गई स्कूल बंद और भूल गया उसे प्रीतम।।
कोरोना जी ने बड़ा ही नेक किया एक काम।
बीवी की शॉपिंग का कर दिया काम तमाम।।
Summer, Winter तो ठीक, कोरोना वेकेशन देख दिल हैरान।
जिसमें पर्यटन व पब्लिक पैलेस से वेकेशन पर गया इंसान।।
 
इस बार कोरोना का देखिये गजब का खेल।
एग्जाम में बच्चे नहीं एग्जाम ही हो रहा फ़ैल।।
जिस लड़की का किसी पर दिल ना आये।
खुदा करे कोरोना का उस पर आ जाये।
कल रात सपने में आया कोरोना.
कोरोना पर फनी शायरी |कोरोना पर कविता

उसे देख जो मैं डरातो मुस्कुरा के बोला
 मुझसे डरो ना... 
उसने कहा- कितनी अच्छी है तुम्हारी संस्कृति। 
न चूमते,न गले लगाते 
दोनों हाथ जोड़ कर वो स्वागत करते, 
मुझसे डरो ना.. 
न्यूज चैनल ने कोरोना के बारे में
एक घंटा डराने के बाद
अंत में कहा


लेसभी पति लोगों*
ज़िन्दगी जेठालाल जैसी हो गई है।
बबिता दिख नही रही है, दया झेली नही जा रही है।
😝😝😝
 ये लॉक डाउन न जाने कया क्या दिन दिखाएगा 🤔

सुना है
गोल्ड फ्लेक और मार्लबोरो सिगरेट पीने वाले भी

आजकल बड़े बूढ़ों से पूछते फिर रहे हैं


चचा बीड़ी है क्या ?
😐😅😄😆😃😁

सात दिन हो चुके हैं पर ये समझ नहीं आ रहा कि कामवाली बायी झाड़ू, पोंछा, बर्तन,और कपड़े धोने का काम एक घंटे में कैसे कर लेती है, यहाँ तो पूरा दिन लग जाता है...!!😋😊
#coronalockdown

घर पर बैठकर पता चल रहा है की ..!!👇




"घर खर्च" उतना तो नही है,
जितना पत्नी बताती है..!!
😆😆😆

रामायण शुरू,
महाभारत शुरू,
शक्तिमान शुरू,
बचपन के दिन लौट आये..!!
बस डर है कहीं सरकार ये न कह दे की...👇
.



"आपको स्कूल फिर से जाना पड़ेगा"
😆😆😆

अब वो लड़के भी लट्ठ खाकर घर मे घुसे बैठे है..!!
जो Facebook पर लिखते थे...👇
.
.
"हम वहाँ खड़े होते है,
जहां मैटर बड़े होते है..!!
😆😆😆

पुलिस से डंडे खाने वाले
*90 % वही लोग हैं..*




जो स्कूल में *टॉयलेट* जाने के बहाने
*पूरी स्कूल घूम आते थे!* 🏃🚶😜
😂😂😂
कैसी चल रही है *lockdown  में* जिंदगी ?
🤔
.
.
.
.
एकदम मस्त‌.. 👌🏼



*तेरी भाभी* मारने दौड़ती है तो *बाहर* भाग जाता हूं 🏃



फिर *पुलिस* मारने दौड़ती है तो *घर में* आ जाता हूँ!* 😜😂
----------

आज सुबह अखबार में राशिफल देखा
लिखा था..
*"यात्रा का योग है। "*




ये साले *अखबार वाले* भी..
*हड्डियां तुड़वाने पर तुले हैं!* 😜
😂😂😜😂😂
रामायण देखिये लेकिन एक बात याद रखिये,
आपको सिर्फ कुम्भकर्ण का रोल अदा करना है,
हनुमान बन कर जडीबुटी खोजने बाहर न निकले !!
😂😂😂😂😂😂
ईसी दौरान एक बालक नें कहा..
*"मैंने भी बैठे-बैठे खौज की.."*
मेरे नमकीन मेंं *#पिछत्तीस* मूंगफली थी
औऱ *ढ़ाई हज़ार पांचसौ* सेव थी!






*नाम नही बताउंगा उस बच्चें का!* '😜
😂😂👶🏻😂😂
 इतिहास में यह *पहली बार* होगा
*काम सेठानी करेगी* 💃
और..
*पगार नौकरानी को मिलेगा!* 😜
🤣🤣🤣
आजकल हवा 70 -80% शुद्ध हो गयी है👍👍
पता नही इतनी शुद्ध हवा फेफङे झेल पाऐगे या नही😂😂😂
गरीब को सब फ्री मिल रहा है..!!
अमीर को सब घर बैठे ही मिल रहा है..!
मिडिल क्लास को ...👇
.

.

.


महेंगे राशन के साथ "लट्ठ" भी फ्री मिल रहा है..!!
🙄😄😄
पति नहाने गया था
पत्नी ने उसका फोन चेक किया तो
कॉन्टेक्ट्स में एक नाम कोरोना लिखा था
उसने डायल किया तो 📱📲
किचन में  पड़ा उसका खुद का फोन बजने लगा
लाख समझाने पर भी पति बाथरूम से बाहर नही आ रहा
😆😆😆
 इतनी बड़ी महामारी में भी अगर
पप्पू की पार्टी के दो चार बड़े नेता
नहीं मरे
तो
मेरा इस कोरोना से विश्वास उठ जाएगा
😝😝
आदिमानव सा जीवन हो गया हैं..
- स्कूल नहीं
- ऑफीस नहीं
- कोई काम नहीं
सिर्फ खा रहे हैं..
और
गुफा में जी रहे हैं! 

और जैसे शिकार करने जाए..
वैसे ही..
किराना, दूध, सब्जियां ला रहे हैं! 😏
😜😂😂
 
कहां से सीखा तुमने ?? 
रूम स्प्रे ,बॉडी स्प्रे, 
 पहले तो तुम धूप,
दीप कपूर अगरबत्ती,लोभान जलाते 
वही करो ना,
 मुझसे डरो ना...
शुरू से तुम्हें सिखाया गया
अच्छे से हाथ पैर धोकर घर में घुसो, 
मत भूलो अपनी संस्कृति 
वही करो ना 
मुझसे डरो ना... 
उसने कहा सादा भोजन उच्च विचार 
यही तो है तुम्हारे संस्कार।
उन्हें छोड़ जंक फूड फ़ास्ट फूड के चक्कर में पड़ो ना 
मुझसे डरो ना... 
उसने कहा शुरू से ही जानवरों को पाला-पोसा प्यार दिया 
रक्षण की है तुम्हारी संस्कृति,उनका भक्षण करो ना 
मुझसे डरो ना
कल रात मेरे सपने में आया कोरोना 
बोला मुझसे डरो ना।
कोरोना पर हिंदी कविता
कोरोना पर फनी शायरी |कोरोना पर कविता

रखो स्वछता अब किसी से डरो ना।
बिना काम के आप घूमो फ़िरो ना।1
सुरक्षा सदा प्राथमिक कार्य हो अब।
प्रसारित नहीं हो सकेगा करोना।2
छिपाओ नहीं व्याधि का शक कभी हो।
स्वतः ध्यान खुद का अकेले धरो ना।3
प्रसारित उपायों का' पालन करो नित।
नहीं भ्रांति कोई हृदय में भरो ना।4
सही सूचना दो सभी को डरे बिन।
विपद विश्व की आज मिल कर हरो ना।5
महामारियाँ प्राण लेतीं अचानक।
बिना जानकारी कभी मत मरो ना।6
भलाई इसी में चिकित्सा करो तुम।
अगर छू गया हो कहीं से कोरोना।7
 
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