Bewafa Shayari in Hindi | Broken heart shayari | hindi sad shayari
क्या-क्या नहीं किया मैंने तेरी एक मुस्कान के लिए
फिर भी अकेला छोड़ दिया उस अनजान के लिए।
मैं फिर से निकलूंगा तलाश ए-जिन्दगी में,
दुआ करना दोस्तो इस बार किसी से इश्क ना हो।
कोई टूटे तो उसे सजाना सिखो,
कोई रूठे तो उसे मनाना सिखो,
रिश्ते तो मिलते हैं मुकदर से…
बस उन्हें खुबसूरती से निभाना सिखो।
शादगी इतनी भी नहीं है अब बाकी मुझमें,
कि तू वक़्त गुज़ारे और मैं मोहब्बत समझूं
गा तो सकता में भी गीत मगर मेरी आवाज़ ही बेवफा है,
बजा तो सकता में भी साज मगर मेरी साज ही बेवफा है,
मत कर गुमान ए शाहजहां अपनी ताज पर,
बना तो सकता में भी ताज मगर मेरी मुमताज ही बेवफा है।
अब तो गम शहने की आदत सी हो गयी है
रात को छुप–छुप रोने की आदत सी हो गयी है
तू बेवफा है खेल मेरे दिल से जी भर के
हमें तो अब चोट खाने की आदत सी हो गयी है।
आंसूओ तले मेरे सारे अरमान बह गये
जिनसे उम्मीद लगाए थे वही बेवफा हो गये,
थी हमे जिन चिरागो से उजाले की चाह
वो चिराग ना जाने किन अंधेरो में खो गये।
वो मोहब्बत भी तेरी थी, वो नफ़रत भी तेरी थी,
वो अपनाने और ठुकराने की अदा भी तेरी थी,
मैं अपनी वफ़ा का इंसाफ़ किस से माँगता?
वो शहर भी तेरा था, वो अदालत भी तेरी थी।
कभी जो हम से प्यार बेशुमार करते थे,
कभी जो हम पर जान निसार करते थे,
भरी महफ़िल में हमको बेवफा कहते हैं,
जो खुद से ज़्यादा हमपर ऐतबार करते थे। ?
उसके चेहरे पर इस क़दर नूर था,
कि उसकी याद में रोना भी मंज़ूर था,
बेवफा भी नहीं कह सकते उसको ज़ालिम,
प्यार तो हमने किया है वो तो बेक़सूर था।
यू तो कोई तन्हा नहीं होता,
चाह कर किसी से जुदा नहीं होता,
मोहब्बत को मजबूरियां ले डूबती है,
वरना ख़ुशी से कोई बे वफ़ा नहीं होता!

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