Jinka milna mukaddar me nhi hindi sad shayari
जिनका मिलना मुकद्दर में लिखा नहीं होता,
उनसे मोहब्बत कसम से बा-कमाल होती है।
दिल से पूछो तो आज भी तुम मेरे ही हो,
ये ओर बात है कि किस्मत दगा कर गयी।
जाने किस बात की उनको शिकायत है मुझसे,
नाम तक जिनका नहीं है मेरे अफ़साने में।
इससे ज़्यादा तुझे और कितना करीब लाऊँ मैं,
कि तुझे दिल में रख कर भी मेरा दिल नहीं भरता।
हक़ीक़त ना सही तुम ख़्वाब बन कर मिला करो,
भटके मुसाफिर को चांदनी रात बनकर मिला करो।
#तुझे ख़्वाबों में पाकर दिल का क़रार खो ही जाता है,
मैं जितना रोकूँ ख़ुद को तुझसे प्यार हो ही जाता है।
अच्छा लगता हैं तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
जैसे कोई खूबसूरत जगह हो हसीन शाम के साथ।
मेरी बाँहों में बहकने की सज़ा भी सुन ले,
अब बहुत देर में आज़ाद करूँगा तुझको।
अपने जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझे,
मेरे अन्दर से सभी रंग तुम्हारे निकले
जिंदगी बहुत खूबसूरत है सब कहते थे,
जब तुम्हें देखा यकीन मुझको हो गया।

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